Sunday, September 21, 2008

सुनहरा अनुपात और स्थापत्यकला

सुनहरे अनुपात की स्थापत्य कला में उपस्थिति बहुत पुरानी है.... जैसे चित्रकारी में मोनालिसा और लियोनार्दो दा विन्ची की कृतियाँ सबसे पहले दिमाग में आ जाती हैं वैसे ही स्थापत्य कला के प्राचीन अनूठे नमूनों की बात करें तो पिरामिड ही दिमाग में आते हैं। पिरामिड का निर्माण क्यों और कैसे हुआ ये तो आप सब जानते ही हैं... पर अगर गौर से देखा जाय तो सूक्ष्म से बड़े स्तर तक कई वैज्ञानिक तथ्य इनमें छुपे हुए हैं। ठीक दा विन्ची के चित्रों की तरह। 


pyramids1 pyramidअगर पिरामिड का अनुप्रस्थ काट देखें तो यह ऐसा दीखता है।  चित्र में जो phi है वो वही सुनहरा  अनुपात है (१.६१८...). यानी पिरामिड की तिरछी ऊंचाई और जमीन के केन्द्र से उसकी दूरी का  अनुपात. पिरामिड से निकाला गया यह यह अनुपात सुनहरे अनुपात से दशमलव के ४ अंको तक मिलता है। अगर केन्द्र से यह दूरी १ ले लें तो पिरामिड की ऊंचाई phi के वर्गमूल के बराबर हो जाती है। और इस चित्र में अगर आप थोड़ा और गणित लगा लें तो पायेंगे की  झुकी हुई सतह का क्षेत्रफल भी phi ही आ जाता है। फ़राओ निर्मित महान गीज़ा के पिरामिड में यह अनुपात सबसे सटीक मिलता है.


NotreDameDeParisnotredameआगे बढ़ते हैं पेरिस की तरफ़... यहाँ पर  नोट्रेडेम (Notre Dame) नाम से प्रख्यात कैथेडरल है. यह कैथेडरल फ्रांसीसी स्थापत्यकला के सबसे प्रसिद्द इमारतों में से एक है. फ्रांसीसी क्रांति के समय इसे भारी क्षति पहुँची थी पर पिछली शताब्दी में फिर से इसका जीर्णोद्धार कर पहले की अवस्था में ले आया गया (काश अपने यहाँ भी ऐतिहासिक भवनों के साथ ऐसा हो पाता). १२वीं सदी में निर्मित स्थापत्य कला के इस अद्भुत नमूने के जगमगाते चित्र के साथ ये चित्र  भी देख लीजिये, इस चित्र में अनुपात को रेखांकित किया गया है. । तो अगली बात जब आप पेरिस जाएँ तो ध्यान से देखियेगा।


Parthenon-2008 gold08sm अब वो चित्र जिसे देखकर मैंने इस अनुपात के बारे में  पढ़ना चालु किया था। ये चित्र वैसे तो इन्टरनेट से लिया गया है  लेकिन पहली बार इसे मैंने 'Numerical methods for Engineers' किताब में देखा था... जिसमें एक छोटे से परिचय के साथ यही चित्र दिया गया है. अथेन्स के एक्रोपोलिस का... ईशा पूर्व पांचवी सदी में निर्मित ऐसे कई ग्रीक भवनों में यह अनुपात था... जिनमें सबसे प्रसिद्द पर्थेनोन नमक यह मन्दिर है। खँडहर का रूप ले चुके इस ईमारत की हुबहू कॉपी अमेरिका के टेनिसी प्रान्त की राजधानी नैशविले में बनाई गई है।


जाते-जाते उक़बा की मस्जिद को देख लीजिये... इसके मुख्य भवन और मीनारों में यह अनुपात आसानी से मिलता है... इसके अलावा आधुनिक समय में टोरंटो का सीएन टावर और  संयुक्त राष्ट्र के मुख्य भवन में यह अनुपात है। वैसे ये तो कुछ प्रसिद्द उदहारण हैं... इनके अलावा ऐसे कितने ही भवन होंगे जिनमे यह अनुपात ढूंढा जा सकता है. अपने ताजमहल में भी इसकी उपस्थिति कुछ शोधकर्ताओं ने ढूंढ़ निकाली है !

 Kairuan

अगली पोस्ट में प्रकृति से कुछ उदहारण देखते हैं... डीएनए से लेकर गैलेक्सी तक में इस दैविक अनुपात की उपस्थिति... !


इस श्रृंखला के शुरुआत से ही आप सब का सहयोग और उत्साहवर्धन मिलता रहा है... मसिजीवीजी ने पिछले दिनों जनसत्ता के अपने नियमित कालम में सुनहरा अनुपात और इस ब्लॉग कि चर्चा की.  लवली कुमारी ने भी बड़े अच्छे सुझाव भेजें हैं. आप सबका आभार. आशा है ऐसे ही मार्गदर्शन मिलता रहेगा... और साथ बना रहेगा.

~Abhishek Ojha~

13 comments:

  1. बहुत शानदार और अचम्भित करने वाली बातें बतायी आपने...। पुरातन वास्तुविद भी इस सुनहरे अनुपात की विलक्षण समझ रखते थे, यह कम रोचक नहीं है।

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  2. जबरदस्त बातें रही...मजा आ गया पढ़ कर..कुछ तो समझ ही रहे हैं.

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  3. गंभीर किंतु रोचक विवेचन है यह तो .....

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  4. बहुत रोचक जानकारी।

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  5. अति सुन्दर जानकारी सब नही तो काफ़ी कुछ पल्ले भी पढ रहा हे,
    धन्यवाद

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  6. इस तरह तो गणित को जानना बहुत रोचक है ..

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  7. आपने यह बात बहुत खूबसूरती से समझायी है। विषय के रूप में हमें गणित अच्‍छा लगे या नहीं, लेकिन इसके बिना काम नहीं चलनेवाला। मानव और प्रकृति की हरेक रचना, हर क्रिया में अनुपात है। हम बोलते हैं तो कथन में, चलते हैं तो कदमताल में, सर्वत्र अनुपात का सहज बोध मौजूद है। हमारी यह समझ आपकी उपलब्धि है।

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  8. इस विषय पर मेरी पहली टिप्पणी में इसे नैसर्गिक अनुपात कहा था। अगली कड़ी में शायद आप वहाँ तक पहुँचा ही देंगे।

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  9. Fascinating Abhishek bhai ~` All these structures are magnificent !!

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  10. phi ke bare mein gyan da Vinci Code padhne ke baad hi hua tha. Usmein to ye bhi bataya gaya tha ki humare body ke kayi ratio is phi ke aadhar par bane hain.

    Achcha prastutikaran raha, aabhaar

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  11. हमारी गणित में सुधार लाकर ही छोडेंगे आप !

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  12. The best language of the world is mathematics. because it is God's language

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  13. बस भइया जमा दिया आपने तो.. यही चाहते थे हम..हार्दिक बधाई स्वीकारें ..क्या कहूँ तारीफ को शब्द कम पड़ रहे हैं..ऐसे ही लिखते रहें ..मिल का पत्थर साबित होगा यह ब्लॉग.

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